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माया ह आपने बताथे...
कहाँ काकर ठिकाना हे...।
कोन ला आँखी में रखना हे...
अउ कोन ला दिल मे बसाना हे...।।
फरक होथे भगवान अउ फकीर में...
फरक होथे किस्मत अउ लकीर में...
अगर कछु चाहबे अउ नई मिलहि...
त समझ ले कछु अउ लिखाइस हे तकदीर में...


देख मोर आँखि म सपना काकर हे...
करेजा में मोर सुलगता ये गर्रा काकर हे,
नई गिन हे आज तक कोनो ये रद्दा ले...

फेर ईहां ये गोड के चीन्हा काकर हे...।

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